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current post: झांटीझरना के भोमराडीह गांव एवं आसपास में तेजी से पांव पसारते फैल रहा डायरिया, ग्रामीण डायरिया के प्रकोप से भयाक्रांत, 16 वर्षीय जुनैल हेंब्रम की हो चुकी है मौत, क्षेत्र डायरिया के रडार पर ।, ID: 10511
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उमेश कांत गिरि / घाटशिला: जी हां यह सूरते हाल बयां कर रहा झारखंड सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को करोड़ों रुपए के फंड मुहैया करवाये जाने के बावजूद मरीज के स्वास्थ्य से संबंधित उनके हित के लिए नतीजा “ढाक के तीन पात” को दर्शाता हुआ इन सबसे उलट सच का आईना दिखा रहा है. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र झाटीझरना पंचायत अन्तर्गत भोमराडीह गाँव में डायरिया का प्रकोप तेजी से फ़ैल रहा है. गांव के ग्रामीणों द्वारा सूचना देने पर जिला परिषद सदस्य श्रीमती मुर्मू नें ग्रामीणों से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए दौरा करते हुए वस्तु स्थिति की जानकारी ग्रामीणों से प्राप्त किया.
16 वर्षीय जूनैल हेंब्रम युवक की हो चुकी है डायरिया से मौत.
ग्रामीणों नें बताया कि गांव में तेजी से पांव पसारते फैल रहा डायरिया इसकी चपेट में आकर तारापद हेम्ब्रम के 16 वर्षीय पुत्र जुनैल हेम्ब्रम की हो चुकी है. मृत्यु के बाद से गाँव में भय का माहौल व्याप्त है. पिछले बीस दिन से गाँव में डायरिया का प्रकोप जारी है. कुछेक मरीजों का इलाज अनुमंडल अस्पताल घाटशिला में चल रहा हैं.
पश्चिम बंगाल के बांदवान-पुरुलिया भरोसे, जाकर कराते हैं इलाज मरीज. यहां के सरकारी सिस्टम पर नहीं है भरोसा.
डायरिया से पीड़ित कई मरीज सुविधा न रहने के कारण अपना इलाज पश्चिम बंगाल के बाँदवान व पुरुलिया जाकर करा रहे है. गाँव में ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर है. लेकिन यहाँ पदस्थापित एएनएम की कार्यशाली से लोगों में काफी नाराज़गी व्याप्त है. ग्रामीणों नें बताया कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार अच्छा नही है. यहाँ कौन चिकित्सक पदस्थापित है. कब-कब आता बैठता है. किसी कों भी सटीक जानकारी नही है, और न ही दिया जाता है. ग्रामीणों की मांग है. कि डायरिया नियंत्रित होने तक गाँव में नियमित रूप से स्वास्थ्य कैम्प लगाने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जाएं.
जिप सदस्य एवं मरीजों का दोपहर 12:00 बजे बंद गेट का ताला व मुंह चिढ़ाता स्वास्थ्य केंद्र ने किया स्वागत. सूरत-ए-हाल देख जिप सदस्य हुई दंग. उपायुक्त से मिलेंगी.
बुधवार को जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू निरीक्षण करने दोपहर 12 बजे भोमराडीह आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य केंद्र पहुँचकर देखी कि गेट में बंद ताले ने उनका स्वागत करते हुए साथ ही अस्पताल के बाहर खड़े चिकित्सक का इंतजार कर रहे मरीजों के चेहरे पर भी 12 बज रहे थे. उन लोगों को मुंह चिढ़ाता हुआ गेट में बंद ताला लटकता हुआ पाई. इस अस्पताल के बाहर चिकित्सा के इंतजार में दोपहर 12:00 बजे तक खड़े सिदाडाँगा के सुबोध मुर्मू, झाटीझरना के पीतम सिंह, भोमराडीह के पुगी मुर्मू समेत अनेक मरीज इलाज के लिए पहुँची हुई थी. जिप सदस्य द्वारा पूछने पर कहा कि हमेशा इसी प्रकार का सामना करना पड़ता है. जिला परिषद सदस्य ने यह देख दुखित हुई और कहा कि राज्य सरकार गाँव के गरीब आदिवासियों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नही है. राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बंगाल राज्य के भरोसे है. झाटीझरना पंचायत के ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है. इस मामले कों लेकर बहुत जल्द उपायुक्त से मिलेंगे.
भोमराडीह से लौटने के बाद श्रीमती मुर्मू नें अनुमंडल अस्पताल घाटशिला में इलाज़रत डायरिया पीड़ितों से मिलकर हालचाल जाना. इस मौके पर मुखिया प्रतिनिधि विजय सिंह, हरे कृष्ण सिंह, गोसाई हेम्ब्रम समेत अनेक लोग उपस्थित थे.
आरोप पूरी तरह निराधार है. दी जा रही है बेहतर सेवाएं. – प्रभारी राजेंद्र नाथ सोरेन.
इस बाबत घाटशिला अनुमंडल अस्पताल प्रभारी डॉ राजेंद्र नाथ सोरेन से “देश लाइव” के संवाददाता द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि डायरिया के प्रकोप की सूचना मिलने पर दुर्गा पूजा के छुट्टी में भी हम लोगों ने तत्काल सेवा देते हुए वहां पर जाकर कैंप लगाकर स्लाइन दवाइयां आदि ग्रामीण मरीजों के बीच वितरण करते हुए सेवा दिया गया. यह बात पूरी तरह निराधार है. कि वहां के एएनएम अच्छी तरह से सेवाएं नहीं दे रही हैं. दरअसल वहां पर एक ही एएनएम है. और वह वहीं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर एएनएम द्वारा सेवाएं अच्छी तरह से दी जा रही है. और आगे भी दी जाएगी. जब इस संवाददाता ने कहा कि उस क्षेत्र में एक एएनएम से काम नहीं हो रहा है, ग्रामीणों की मांग पर एक और अन्य चिकित्सा कर्मी की नियुक्ति कर दीजिए. उन्होंने कहा कि मैंने उच्चाधिकारियों को इस बाबत सूचना पत्राचार द्वारा अवगत करा चुका हूं. अब यह उन पर ही नियुक्ति की निर्भरता पर ही निर्भर करता है ??❓
Author: Desh Live News



