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current post: 12 साल से अधिक चिटफंड किंग दीपक सिंह आज तक गिरफ्तार नहीं हो सका, ID: 6552
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जादूगोड़ा: 23 सितंबर 2013 को राज कॉम चिटफंड घोटाला का आरोपी कमल सिंह और दीपक सिंह लोगों के पैसे डुबोकर फरार हो गया था, हजारों लोगों के संख्या में लोगों चिटफंड के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले का आरोपी कमल सिंह और दीपक सिंह दोनों भाई पुलिस के पकड़ से अभी भी दूर हैं। सीबीआई जांच की मांग एक सपना ही बन के रह गया। जादूगोड़ा में जब नए थाना प्रभारी का आगमन हुआ तो लोगों में एक उम्मीद जगी थी। सभी को लगा था कि थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल शायद कुछ नया करके दीपक सिंह को गिरफ्तार कर लेगा। मगर अफसोस य एक चुनौती ही बनकर रह गई।
कानूनी प्रक्रिया तो बहुत चली। गिरफ्तारी का कोर्ट से वारंट भी जारी हुआ। पुलिस के द्वारा उसके पुराने घर पर इश्तिहार भी चिपकाए गया। मगर जादूगोड़ा के इतिहास में यह एक कहानी बनकर रह गया। चुनाव के साथ-साथ पीड़ित लोगों को उम्मीद समय के साथ-साथ धुंधली हो गई। लोगों में एक पल तो ऐसा लगा था कि जादूगोड़ा का चिटफंड घोटाला चुनावी मुद्दा बनेगा लेकिन चुनाव के साथ धीरे-धीरे अब लगता है कि लोगों की उम्मीद भी खत्म हो रहे हैं। अगर दीपक सिंह गिरफ्तार होता तो शायद कुछ राज खुलता लेकिन कमल सिंह, दीपक सिंह तो अब राज ही बनकर रह गए हैं ।अपनी पूरी जमा पूंजी खोने के बाद आगे क्या होगा नहीं मालूम, मगर आज के हालात में ऐसे लालच में न पड़कर एक आम आदमी को अगर अपना बचाया हुआ पैसा किसी इन्वेस्टमेंट टूल्स में लगाना है, तो वह जानना सबसे महत्वपूर्ण है। सबसे अच्छे तीन चार विकल्प ही मौजूद हैं।
1. प्लॉट
2. पोस्ट ऑफिस स्मॉल सेविंग /NSC/KVP / PPF
3. एलआईसी सिंगल प्रीमियम पॉलिसी
4. एसबीआई या अन्य सरकारी बैंकों में एफडी..
Author: Desh Live News



