धनबाद : जिले के बलियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरसाकुड़ी आसनबनी मौजा में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अधीन कार्यरत केटीपीएल (KTPL) के कर्मचारियों और रैयतों के बीच जमीन अधिग्रहण को लेकर झड़प हो गई है.
सेल की टासरा परियोजना के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए प्रशासन ने इस क्षेत्र में 41 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है. प्रशासन के द्वारा जमीन पर डोजरिंग (भूमि समतलीकरण) का कार्य शुरू कराया गया था. इस दौरान कई ग्रामीण विरोध पर उतर आए. जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई. जिसमें पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके निजी रैयती जमीन को बिना किसी मुआवजे और उचित सूचना के अधिग्रहित कर ली गई है. जब उन्होंने विरोध जताया तो मौके पर मौजूद KTPL के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हो गई, जो धीरे-धीरे झड़प में तब्दील हो गई. इस दौरान पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किया गया.स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई और विरोध कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया. घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों की मांग है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक डोजरिंग कार्य को तत्काल रोक दिया जाए. वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मामले को लेकर मौके पर मौजूद बलियापुर सीओ प्रवीण कुमार ने कहा कि सेल का टासरा प्रॉजेक्ट चल रहा है. विस्थापितों के लिए आसमानी मौजा में 41 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है. जिसमें करीब 60 करोड़ का रिवार्ड घोषित किया गया था.369 रैयतों की जमीन अधिग्रहण की गई थी. जिसमें 350 रैयतों की सहमति भी है. 15 से 20 रैयत ऐसे हैं जिनके परिवार में आपसी विवाद चल रहा है. वैसे रैयतों का भी भुगतान किया जाना है. जिस दिन वह आवेदन देंगे, उन्हें मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा.









