रामगढ़ , झारखंड : रामगढ़ जिले के पतरातु बलकूदरा में पीवीयूएनल छाई डैम का मामला ग्रामीणों के विरोध के बाद गरमाया, जिसके बाद एसडीएम,एलारडीसी बीडीओ वार्ता करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन पीवीयूएनएल कंपनी को विरोध का सामना करना पड़ा,विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण कंपनी के अधिकारी के बीच नोंक-झोंक भी हो गई।
बता दें जहां एक ओर एनटीपीसी पीवीयूएनएल के आग्रह पर इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर छाई डैम निर्माण कार्य शुरू किया गया है, तो वहीं लगातार विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के चार गांवों के ग्रामीणों द्वारा उक्त स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और छाई डैम कार्य को आज रोक दिया गया।
विस्थापितों का आरोप है, कि पुर्व में जिला समाहरणालय में वार्ता की गई थी लेकिन वार्ता सफल नहीं हो पाया और कंपनी पुलिस छावनी में तब्दील कर बंदूक के बल पर जबरन काम लगा दी है।पूरे मामले पर जियाउल रहमान अपर महाप्रबंधक पीवीयूएनएल ने कहा पुर्व में संचालित पतरातु थर्मल और सरकार द्वारा एनटीपीसी पीवीयूएन को सारा क्लियरेंस कर स्थानांतरित किया गया है। यहां हो रहे निर्माण कार्य सही है। वहीं घटनास्थल पर रामगढ़ एसडीएम अनुराग कुमार तिवारी,एलारडीसी , विधायक,बीडीओ , पीवीयूएन के अधिकारी मौजूद है और उनकी उपस्थिति में ग्रामीणों से वार्ता की गई।
वहीं पूरे मामले को लेकर विस्थापित नेता सह जदयू के युवा जिला अध्यक्ष भूषण उरांव ने कहा कि आंदोलन गलत तरीके से किया जा रहा है पहले ही जमीन का मुआवजा सरकार के द्वारा दिया जा चुका है, विकास कार्य का लोग बाधक बन रहे हैं।









