The ad is not displayed on the page
current post: जादूगोड़ा: हाय महंगाई.. वजह बारिश, सब्जियों के दाम आसमान ऊपर, ID: 6945
Ad: Ad created on January 26, 2026 2:51 am (11260)
Placement: Before Content (11261)
Display Conditions
| Ad | wp_the_query | |
|---|---|---|
| term_id | 0 | |
| taxonomy | 0 | |
| is_main_query | 1 | 1 |
| is_rest_api | 1 | |
| page | 0 | 1 |
| numpages | 0 | 1 |
| is_archive | 0 | |
| is_search | 1 | |
| is_home | 1 | |
| is_404 | 1 | |
| is_attachment | 0 | |
| is_singular | 0 | 1 |
| is_front_page | 1 | |
| is_feed | 0 |
| Ad | wp_the_query |
|---|---|
| term_id: is_archive: |
| Ad | wp_the_query |
|---|---|
| 5 | 5 |
Find solutions in the manual
जादूगोड़ा: जादूगोड़ा स्थित राखा बाजार में आज सब्जियों के दाम आसमान छूते हुई दिखाई दी। टमाटर, परवल, गोभी, धनिया के दाम एक सप्ताह में 30 से 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। लोगों की थाली से हरी सब्जियां गायब हो रही हैं। धनिया 340 तो मिर्ची बिक रही 160 किलो, वैगन 80 रुपए किलो बरबटी ₹140 किलो पटल 50 किलो। 50 रुपये किलो टमाटर ने भी सबको लाल करके रखा है। जिले और आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
शहर की प्रमुख सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। किसान और व्यापारी बता रहे हैं कि बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम होने के कारण भाव में तेजी दिखाई दे रही है, बीते तीन चार दिन से सब्जियों के भाव में दोगुनी वृद्धि हो चुकी है। जादूगोड़ा का तो यह हाल है कि लोग सब्जियों के भाव सुनकर लिमिट में सब्जियां खरीद रहे हैं। कुल मिलाकर बाजार में भी ऐसी कोई सब्जी नहीं है जो की ₹60 किलो से कम भाव में बिक रही हो। किसानों के अनुसार अभी कुछ दिन और सब्जियों के भाव में तेजी देखने को मिलेगी, किसान और बागवान जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा कहर झेल रहे हैं।
खेती करना दिन ब दिन मुश्किल होता जा रहा है। किसान सब्जियां लगाएंगे तो कहां लगाएंगे पूरा खेत तो पानी से डूबा भरा है। खेतों में सब्जियां नहीं उगेगी तो साप्ताहिक बाजारों में कैसे पहुंचेंगे और लोगों तक कैसे पहुंच पाएगी। बारिश तो सब का काम रोक कर रख दिया है। एक तो बिजली गुल है। किसानों की मोटर बंद है, बच्चों की पढ़ाई ठप है,रात में गांव अंधेरे में डूबा है, बीमारों को तकलीफ, कामकाजी लोगों को दिक्कत, किसान करें भी तो क्या करें? खेती को बचाने के लिए कुछ क्रांतिकारी कदम उठाए जाने की जरूरत है। जिनके खेत पानी से डूबे हुए हैं हमें उनके बारे में कुछ तो सोचना चाहिए।
Author: Desh Live News



