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current post: हजारीबाग में अधूरा सपना पूर्व सांसद जयंत सिन्हा की पहल अधर में, 5 हजार बच्चों तक सीमित रह गया पौष्टिक भोजन का लक्ष्य ।, ID: 7032
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हजारीबाग, झारखंड : हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों को गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का सपना अधूरा रह गया है। पूर्व सांसद और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री रह चुके जयंत सिन्हा की पहल पर शुरू की गई अक्षय पात्रा रसोई योजना अभी भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही है।
जयंत सिन्हा ने अपने कार्यकाल के दौरान उड्डयन मंत्रालय के सीएसआर फंड से हजारीबाग में अक्षय पात्रा फाउंडेशन के तहत एक अत्याधुनिक रसोईघर की स्थापना के लिए राशि उपलब्ध कराई थी। इस पहल का उद्देश्य जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गरम, साफ और पौष्टिक मिड-डे मील देना था, ताकि उनका पोषण स्तर सुधरे और शिक्षा में उनकी रुचि बनी रहे।
हालांकि आज यह रसोईघर तकनीकी और संसाधन की कमी से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्या बॉयलर की है, जिसकी अनुपलब्धता के कारण रसोई पूरी क्षमता से भोजन नहीं बना पा रही। परिणामस्वरूप, रसोईघर से केवल 5 हजार बच्चों तक ही गरम और पौष्टिक भोजन पहुंच रहा है, जबकि इसकी क्षमता कहीं अधिक थी और जिले में लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या लाखों में है।वहीं जयंत सिन्हा ने सरकार और प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि से मांग की है कि जल्द से जल्द तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए और सभी जरूरतमंद बच्चों तक पौष्टिक भोजन की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
जयंत सिन्हा की यह महत्वाकांक्षी योजना यदि पूर्ण रूप से लागू हो जाती है, तो यह हजारीबाग के स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। लेकिन फिलहाल यह सपना अधूरा नजर आ रहा है।
Author: Desh Live News



