लगातार बारिश के कारण तिलैया डैम का खुला फाटक,5 जिलों में अलर्ट।

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कोडरमा, झारखंड : लगातार बारिश के बाद कोडरमा के तिलैया डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है, जिसके कारण कल रात 9 बजकर 10 मिनट पर 8 गेट खोले गए और हर सेकंड 1000 क्यूबिक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। डैम का गेट खोले जाने को लेकर डीवीसी प्रबंधन की ओर से कोडरमा जिला प्रशासन के अलावे गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा जिले को अलर्ट भेजा गया था। इसके अलावे डैम के आसपास अवस्थित गांव में माइकिंग के द्वारा लोगों को डैम के किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई थी। इधर, डैम का गेट खेले जाने को लेकर डीवीसी प्रबंधन और कोडरमा जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रही।

तिलैया डैम के हेडल इंचार्ज सैयद महताब कादरी की अगुवाई में टेक्निकल टीम लगातार डैम से प्रभावित गांव का दौरा करती रही। डैम का गेट खोले जाने को लेकर कुछ दिन पूर्व टेस्ट भी किया गया था। इधर, एतिहात के तौर पर डैम में वोटिंग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, साथ ही लोगों की आवाजाही पर भी फिलहाल रोक लगा दिया गया है। आने वाले दिनों में बारिश की संभावनाओं को देखते हुए पानी का दबाव ज्यादा ना बने, इसी मद्देनजर डैम का गेट खोला गया। गेट खोले जाने से पूर्व रात में पांच बार सायरन बजाकर लोगों को आगाह किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल डैम और इसके आसपास सुरक्षा के मद्देनजर तैनात रहे। हेडल इंचार्ज सैयद माहताब कादरी ने बताया कि डैम का वाटर लेवल खतरे के निशान को छू गया था और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लगातार बारिश की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में वाटर डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया गया। 1 हजार क्यूबिक पर सेकेंड पानी डिस्चार्ज के साथ तिलैया डैम में संचालित पनबिजली उत्पादन केंद्र से भी हर सेकंड 650 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।

इधर, तकरीबन 8-9 सालों के बाद डैम का गेट खोले जाने और पानी का बहाव देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग यहां पहुंच रहे हैं और तस्वीरें और सेल्फी भी खींचा रहे हैं।

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Author: Desh Live News

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