रामगढ़,झारखण्ड : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की खतियानी अधिकार सभा सह मिलन समारोह रविवार को पीटीपीएस अंबेडकर पार्क में आयोजित किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम महतो उपस्थित हुए.
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड निर्माण के ढाई दशक होने को हैं, लेकिन जिस मकसद से यह राज्य बना था, वह आज भी अधूरा है. झारखंड की जनता अब भी अपने हक, सम्मान और रोजगार की तलाश में है. उन्होंने नेमरा गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मात्र दस दिनों में बिजली, सड़क समेत टावर की सुविधा उपलब्ध हो गयी. इससे साबित होता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो गांवों को विकास नामुमकिन नहीं है. जब एक गांव दस दिन में बदल सकता है, तो 25 वर्षों में 32 हजार गांव क्यों नहीं बदले? उन्होंने विस्थापितों से एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया.
इस अवसर पर विजय साहू ने कहा कि चंद पैसों के लालच में झारखंड की मिट्टी और जंगल लूट लिए गए. लोगों को रोजगार भी नहीं मिला और विस्थापन की मार झेलनी पड़ी. बड़कागांव क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां कई फैक्ट्रियां लगी हैं लेकिन विस्थापितों के साथ छल किया गया है. पीटीपीएस की चिमनियां तो धुआं उगल रही हैं, लेकिन उसी जमीन के असली मालिक रोजगार के लिए भटक रहे हैं. बालेश्वर मेहता ने कहा कि आनेवाली पीढ़ी के लिए खेत-खलिहान और प्राकृतिक संपदा बचाना बड़ी चुनौती है. अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो झारखंड आंदोलन का असली मकसद अधूरा रह जाएगा.
विधायक जयराम महतो का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. इस दौरान जयराम महतो ने बाबा साहेब अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. सभा में बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और युवाओं ने जेकेएलएम की सदस्यता ली. सभी ने एक स्वर में कहा कि झारखंडी होना केवल पहचानभर न रह जाए, बल्कि इसके साथ लोगों को उनका हक और अधिकार भी मिले.









