ऐतिहासिक इंद्र पूजा का भव्य आयोजन घाटशिला के ऊपर पांवड़ा में किया गया.परंपरा और संस्कृति ही हमारी पहचान है, इसे बचाना वर्तमान युवा पीढ़ी का दायित्व है. भगवान इंद्र के समक्ष संकल्प लेते हुए एक बेहतर समाज की रचना करें – बाबूलाल सोरेन।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रणधीर कुमार सिंह/उमेश कांत गिरी

घाटशिला/झारखंड

घाटशिला प्रखंड के ऊपर पावड़ा में गुरुवार को ऐतिहासिक इंद्र पूजा का भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू उपस्थित थे. सर्वप्रथम कमेटी के सदस्य गाजे-बाजे के साथ रंकिनी मंदिर घटशिला पहुँचे. पूजा अर्चना के बाद वापस इंद्र पूजा स्थल पहुँचे. जहाँ पुजारी गाँडू सबर और गणेश सबर द्वारा विधिवत पूजा अर्चना व मन्त्रोंच्चारण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान इंद्र के प्रतीक विशाल पवित्र छतरी को खींच कर खड़ा किया. इसमें मुख्य रूप से अन्य राज्यों जैसे बिहार, बंगाल व ओड़िशा से भी काफी संख्या में लोग पहुँचे थे. इसके अलावा इस क्षण के हजारों लोग उपस्थिति होकर इस क्षण के साक्षात गवाह बने.इसके पश्चात कमिटी के सदस्यों ने बताया कि इस पूजा की शुरुआत तत्कालीन राजा जगदीश चंद्र धवलदेव ने प्रजा की खुशहाली के लिए आरंभ किया था. राजा द्वारा पूजा बंद कर दिए जाने के बाद से इंद्र पूजा कमेटी ऊपर पांवड़ा के सदस्यों ने इस परम्परा को आज तक पूजा करते हुए कायम रखा है. तत्कालीन प्रमुख शिव प्रसाद शर्मा, मुखिया कुनाराम मुर्मू, देश परगना हरेन्द्रनाथ मुर्मू, सीताराम मुर्मू, गौरांग बेसरा सरीखे लोगों के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ऊपर पावड़ा में इंद्र पूजा प्रारम्भ किया था. तब से लेकर आज तक इस परम्परा का निर्वाहन किया जाता रहा है.मुख्य अतिथि बाबूलाल सोरेन ने कहा कि परम्परा और संस्कृति ही हमारी पहचान है. इसे बचाना वर्तमान युवा पीढ़ी का दायित्व है. पूर्वज पढ़े लिखें नही थे. लेकिन समाज और संस्कृति के प्रति जागरूक थे. उन्होंने कहा कि भगवान इंद्र के समक्ष समाज की तरक्की का संकल्प लेते हुए एक बेहतर समाज की रचना करें.इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने संबोधन में कहा कि सभी संस्थापक सदस्य दिवंगत हो चुके है. ऐसे में इंद्र पूजा का दायित्व नई पीढ़ी पर आ गई है. उन्होंने कहा कि इंद्र पूजा पूर्वजों की देन है. पिछले 60 वर्ष से भी अधिक समय से पूजा अर्चना की जा रही है. इस धार्मिक स्थल का विकास जरुरी है. इसलिए बहुत जल्द इंद्र पूजा कमेटी को जमीन का मालिकाना हक़ भी दिलायेंगे. इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. जिसका लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया. इस मौके पर मुख्य रूप से मुखिया तारामणी मुंडा, वास्ता बेसरा, ठाकुर मुर्मू, ब्रजेश सोरेन, राम मुर्मू, विनय मुर्मू, दासमत बेसरा, मंगल बेसरा, श्रीधर मांडी, राम किशोर मुर्मू, सपन मुंडा, कार्तिक टुडू, सुदाम टुडू, राजेंद्र शर्मा, मायसा मुर्मू, दिलीप दे, गालु बेसरा, दशरथ बेसरा, कमल हेमब्रम समेत अनेक लोग उपस्थित थे.

Desh Live News
Author: Desh Live News

Leave a Comment