The ad is not displayed on the page
current post: जन सुविधा मंच के सदस्यों पर दर्ज मामले को लेकर जमशेदपर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि सह पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने वरीय पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात, निष्पक्ष जांच की उठायी मांग, कहा- राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को हरवे हथियार की संज्ञा देकर साकची थाना प्रभारी ने किया तिरंगे का अपमान, ID: 5440
Ad: Ad created on January 26, 2026 2:51 am (11260)
Placement: Before Content (11261)
Display Conditions
| Ad | wp_the_query | |
|---|---|---|
| term_id | 0 | |
| taxonomy | 0 | |
| is_main_query | 1 | 1 |
| is_rest_api | 1 | |
| page | 0 | 1 |
| numpages | 0 | 1 |
| is_archive | 0 | |
| is_search | 1 | |
| is_home | 1 | |
| is_404 | 1 | |
| is_attachment | 0 | |
| is_singular | 0 | 1 |
| is_front_page | 1 | |
| is_feed | 0 |
| Ad | wp_the_query |
|---|---|
| term_id: is_archive: |
| Ad | wp_the_query |
|---|---|
| 5 | 5 |
Find solutions in the manual
जमशेदपुर: बीते 12 जून को साकची थाना के समक्ष जन सुविधा मंच के बैनर तले किए गए शांतिपूर्ण आक्रोश प्रदर्शन को लेकर दर्ज एफआईआर के विरुद्ध सोमवार को जमशेदपुर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि सह भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज की। इस दौरान उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक को मामले की पूरी जानकारी दी और न्याय की मांग की।
वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने कहा कि साकची थाना प्रभारी द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों की खुलेआम अवहेलना और पुलिसिया मनमानी के विरोध में उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है। जन सुविधा मंच के सदस्यों पर दर्ज मामला कानून की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि 12 जून को साकची क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी, अनैतिक गतिविधियों और पुलिस की मिलीभगत एवं उदासीनता के खिलाफ युवा, महिलाएं और नागरिकगण हाथों में पवित्र तिरंगा झंडा और विरोध की तख्तियां लेकर साकची थाना पहुंचे थे। लेकिन वहां थाना प्रभारी ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए थाना का गेट बंद करवा दिया, प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया और ज्ञापन तक लेना जरूरी नहीं समझा। कहा कि इसमें सबसे आश्चर्य वाली बात यह है कि प्रदर्शन के अगले दिन दर्ज केस में थाना प्रभारी ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी हरवे-हथियार लेकर आए थे। इस पर सवाल खड़े करते हुए गुंजन यादव ने कहा कि क्या तिरंगा झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन करना अब इस देश में हरवे हथियार लेकर प्रदर्शन करना कहलाता है? अगर ऐसा है तो यह पवित्र तिरंगा का अपमान है। साकची थाना प्रभारी ने पवित्र तिरंगे को हथियार की संज्ञा देकर हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का भी घोर अपमान किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि थाना प्रभारी को शायद तिरंगा और हरवे हथियार में फर्क समझ नहीं आ रहा है। इसलिए मैं उन्हें सलाह देता हूं कि वे नेत्र विशेषज्ञ से नेत्र जांच अवश्य कराएं। गुंजन यादव ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रदर्शन की मीडिया कवरेज, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया फुटेज और थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। यदि एक भी प्रदर्शनकारी के हाथ में तिरंगे और विरोध की तख्तियों के अलावा कोई लाठी या हथियार दिखाई दे जाए, तो वे स्वयं दंड भुगतने को तैयार हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात में उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच किसी सक्षम व वरीय अधिकारी से कराई जाए जिससे सच्चाई सामने आए और दर्जनों युवाओं एवं महिलाओं को न्याय मिल सके। उन्होंने बातया कि वरीय पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
Author: Desh Live News



