कोडरमा – झारखंड : कोडरमा एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनरतले कोडरमा सदर अस्पताल में तैनात 108 एंबुलेंस चालकों ने आज से संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर दिया है। जिसके कारण 108 एंबुलेंस के परिचालन पर आज से पूर्णरूप से विराम लग गया है।
इससे पहले एंबुलेंस कर्मियों ने 22 जुलाई को एकदिवसीय धरना दिया था और मांगों पर उचित कार्रवाई के लिए 27 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन जब एंबुलेंस चालकों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आज से एंबुलेंस चालकों ने संपूर्ण कर बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन सदर अस्पताल में एंबुलेंस चालकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार विरोधी नारे लगाए। एंबुलेंस चालकों ने कहा कि समाधान फाउंडेशन के तहत 108 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है, लेकिन संस्था के द्वारा एंबुलेंस चालकों को न सिर्फ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी कई मामलों में प्रताड़ित किए जाने का कार्य संस्था के पदाधिकारियो के द्वारा किया जा रहा है। 12-12 घंटे ड्यूटी ली जाती है, लेकिन उचित मानदेय देने के मामले में एंबुलेंस चालकों का आर्थिक रूप से शोषण किया जा रहा है। इसके अलावे एंबुलेंस चालकों को किसी भी तरह की सरकारी सुविधा का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। वेतन कटौती, अवकाश मांगने पर प्रताड़ित किया जाना और ड्यूटी के दौरान भी कई बार संस्था के पदाधिकारी द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार करते है, जबकि वे लोग आपातकालीन सेवा के तहत मरीज को अस्पताल ले जाने का कार्य करते हैं। हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि हर साल नई संस्था आती है और सभी संस्था साल में 2 महीने 3 महीने का वेतन लेकर भाग जाती है। ऐसे में उनकी बहाली के साथ-साथ उनका वेतन एनआरएचएम के तहत किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें साल के 12 महीने का वेतन मिल सके और उनका आर्थिक शोषण ना हो।
Author: Desh Live News



