सात वर्ष लापता रहने के बाद वापस घर लौटे मूक बधिर की पुत्री का नामांकन जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू की पहल पर कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय गालूडीह घाटशिला में कर दिया गया.

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घाटशिला: घाटशिला प्रखण्ड अंतर्गत काशिदा पंचायत के माहलीडीह गाँव निवासी मूक बधिर बोदेन मुर्मू अपने दोस्तों के साथ रोजगार की तलाश में दक्षिण भारत चला गया था. लेकिन दोस्तों से बिछड़ गया. उसके बाद उसका कहीं आता पता नही चला. इसी बीच उनकी पत्नी भी दो छोटी छोटी बच्ची को छोड़कर चली गई. दोनों बच्ची के परवरिश की जिम्मेदारी बूढ़ी माँ के कंधो पर आ गई. घर की माली हालत कमजोर हो गई. उन्होंने जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू से छोटी बेटी का नामांकन कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय में कराने का आग्रह किया. कहा कि घर में कुछ नही बचा उपर से तबियत भी ठीक नही रहती हैं. अब मेहनत मजदूरी कि भी उम्र नही है इसका पालन पोषण मैं असमर्थता से मेरे बाद बच्ची का क्या होगा. बेटा भी मूक बधिर हैं. जिला परिषद सदस्य की पहल पर छोटी बेटी सुष्मिता मुर्मू का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गालूडीह में कक्षा छह वर्ग में कर दिया गया. जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने बताया कि बड़ी बेटी रायमात मुर्मू का नामांकन भी पूर्व में ही मेरे द्वारा कस्तूरबा में करा दिया गया था. वो फिलहाल कक्षा आठ में पढ़ रही हैं. अब दोनों बहनें आवासीय शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी. श्रीमती मुर्मू नें कहा कि बेटा के लापता होने और बहू के घर छोड़कर चले जाने के बाद भी बूढ़ी माँ नें हिम्मत नही हारते हुए भी दोनों पोती की पढ़ाई के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। सात वर्ष बाद बोदेन मुर्मू घर वापस लौटा माँ बेटा नें जिला परिषद सदस्य के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दोनों बच्ची दर दर की ठोकरें खाने से बच गई है.

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Author: Desh Live News

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