घाटशिला: भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष लखन मार्डी के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर के नाम से अपर उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में घाटशिला के कीताडीह में आदिवासी दिशोम जाहेर स्थान (धार्मिक स्थल), सिदु कान्हू हुलगारिया डाही को उजाड़ने के झारखंड सरकार एवं पूर्वी सिंहभूम प्रशासन के प्रयासों के खिलाफ तथा उसके संरक्षण हेतु आग्रह किया गया है। लखन मार्डी ने कहा आदिवासी परंपरा एवं संस्कृति पर आक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा किताडीह में स्थित दिसोम जाहेरस्थान को अवैध रूप से एवं फर्जी ग्राम सभा के माध्यम से प्रशासन द्वारा आदिवासी जमीन को हड़पना, पार्क बनाना पूरी तरह से गैर कानूनी है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वन निवासी अधिनियम (FRA ) 2006 और पेसा अधिनियम (PESA ACT)1996 का घोर उल्लंघन है। वन अधिनियम एवं पेसा अधिनियम आदिवासी समुदायों को उनके पारंपरिक भूमि और सांस्कृतिक स्थलों पर अधिकार प्रदान करता है। भारत का संविधान विशेष रूप से अनुच्छेद 25, 26 और 29 हमें अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार देता है। झारखंड छोड़कर के भारत देश के किसी भी कोने में जाहेरस्थान, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर अर्थात पूज्य एवं पवित्र स्थलों को तोड़कर के पार्क नहीं बनाया जा रहा है, और होना भी नहीं चाहिए।आखिर क्या कारण है कि घाटशिला में ही इस तरह से संभव हो रहा है। यहां के युवाओं को जागना होगा। बहुत जल्द बड़ा आंदोलन होगा।
मौके पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष भक्तु मार्डी, महानगर अध्यक्ष रमेश बास्के, काजू सांडील, गणेश मुंडा, विक्रम किस्कू, सुपाई मार्डी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
Author: Desh Live News



