घाटशिला मुख्य शहर के एक प्रज्ञा केन्द्र पर प्रशासन का छापा, कई समान जब्त।

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घाटशिला: घाटशिला मुख्य सड़क नुआगांव स्थित अश्वशत्थय कुंज दुर्गा पूजा मंडप हीरो मोटर बाइक शोरूम समीप संचालित सीएससी प्रज्ञा केन्द्र में शुक्रवार 19 सितंबर 2025 को बीडीओ युनिका शर्मा ने छापा मार कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले की जांच की। जांच के दौरान बीडीओ ने केन्द्र से लैपटॉप, रजिस्ट्रर, लाभुको की सूची समेत कई समान को जब्त कर थाना ले गयी. इस मामले को लेकर राजस्टेट के चालकडीह निवासी भुक्तभोगी गणेश कालिंदी ने घाटशिला में लिखित शिकायत की है. घाटशिला थाना प्रभारी गौतम कुमार के अनुसार शिकायत पर जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज किया जायेगा. जानकारी के अनुसार राजस्टेट के चालकडीह निवासी गणेश कालिंदी के अनुसार पिछले 13 सितंबर को वह उक्त सीएससी प्रज्ञा केन्द्र से अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था. बच्चे का प्रमाण पत्र स्कूल के नामांकन में देना था. जब जन्म प्रमाण पत्र लेकर स्कूल में गया तो उन्हे आधार कार्ड बनवाकर लाने को कहा गया. जब वह आधार कार्ड बनवाने ब्लॉक गये तो पता चला कि जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है. गणेश कालिंदी ने अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर आर एन सोरेन को जब जन्म प्रमाण पत्र दिखाया और उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पहले मेरा बच्चा का जन्म अनुमंडल अस्पताल में ही हुआ था, लेकिन अस्पताल के डिस्चार्ज पेपर खो जाने के कारण जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना था. कई बार आने के बाद भी जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना तो मैं थक हार कर छोड़ दिया था. अब स्कूल में जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ी तो मैंने जन्म प्रमाण पत्र बनाने की कोशिश की. गणेश कालिंदी से पूछताछ करने के बाद डॉ आर एन सोरेन जन्म प्रमाण पत्र की जांच किया. जांच में पाया कि जन्म प्रमाण पत्र अनुमंडल अस्पताल से जारी नहीं किया गया. जन्म प्रमाण पत्र दिए गए बारकोड से स्कैन करने के बाद भी कोई चीज की जानकारी नहीं मिली. डॉ सोरेन ने इसकी जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी को दिया . अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर बीडीओ यूनिका शर्मा ने गणेश कालिंदी से पूछा कि जन्म प्रमाण पत्र कहां से बनवाये है. तो वह सीएससी प्रज्ञा केन्द्र का नाम लिया. इसके बाद बीडीओ अपनी सुरक्षा बल और घाटशिला थाना पुलिस बल के साथ प्रज्ञा केन्द्र में छापामारी किया. इस दौरान बीडीओ को पता चला कि प्रज्ञा केन्द्र गौरव सरकार के नाम से संचालित हो रहा है. जबकी उसका देखरेख सौरभ सरकार कर रहे है. जांच के दौरान केन्द्र के संचालक की मां बीडीओ से जांच कम के दौरान बार-बार उलझती दिखी. इस दौरान सौरभ सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनके यहां से गणेश कालिंदी का प्रमाण पत्र उनके यहां से नही बनाया गया है. इसका कोई सबूत नहीं हैं. काफी बकझक के बीच बीडीओ ने थाना प्रभारी के साथ मामला संदिग्ध लगने पर लैंपटॉप, रजिस्ट्रर, लाभुको की सूची समेत कई समान जब्त किया. इसके बाद पीड़ित ने घाटशिला थाना में लिखित तौर पर आवेदन देकर उचित कारवाई करने की मांग किया.

फर्जी प्रमाण पत्र पर प्रज्ञा केंद्र संचालक एवं देख-रेख करने वाले पर होगी कानूनी कार्रवाई -: बीडीओ यूनिका शर्मा.

पीड़ित गणेश कालिंदी को प्रज्ञा केन्द्र से जन्म प्रमाण पत्र जो बनाया गया है. वह पुरी तरह से फर्जी है. पीड़ित के अनुसार वह सीएससी प्रज्ञा केन्द्र से ही जन्म प्रत्र बनाया गया था. उसी की जांच के दौरान मामला संदिग्ध लगने पर जांच किया गया है. साथ ही केन्द्र से कई समान को जब्त किया गया है. इस संदर्भ में पीड़ित द्वारा थाना में लिखित शिकायत किया गया है. मामले की जांच के बाद दोषी पाये जाने पर संचालक और केन्द्र के देखरेख कर रहे व्यक्ति पर मामला दर्ज होगा.जबकि दूसरी ओर प्रज्ञा केंद्र का देख रेख करनेवाले सौंरभ सरकार ने कहा कि मेरे यहां से किसी प्रकार का कोई प्रमाण पत्र गणेश कालिंदी के बेटे का निर्गत नही किया गया है. मेरे उपर लगे सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार है. प्रशासन साबित करे तो, एनी टाइम आई एम ऑलरेडी सजा भुगतने को तैयार हूं. अन्यथा प्रशासन पर मानहानि का केस करूंगा.

अपने आप को यूपीएसएसी का दूसरा टॉपर बताकर गणमान्य व्यक्तियों संग फोटो खींचा कर चर्चाओं का बनाया हैं हवा और जबरदस्त भौकाल.

प्रज्ञा केंद्र के संचालक सौरभ सरकार की गतिविधि इससे पहले भी संदिग्ध रही है. जूलाई 2025 में इन्होने अपने को यूपीएसएसी समुह ए और बी का दूसरा टॉपर बताया और कई अखबारों ने इसे प्रचारित भी किया. इस नाम पर वह समाज के गणमाण्य लोगो के साथ तस्वीरें खींचाकर भौकाल जमाने के साथ बखूबी हवा बनाने का काम किया. परिणाम निकलने के बाद जब एक पत्रकार ने उक्त परीक्षा का प्रवेश प्रमाण पत्र, और परीक्षा परिणाम की मांग की तो वह रोज नये-नये बहाने बनाता रहा और अंत तक नहीं दिखाया. उस समय से इस युवक की गतिविधि संदिग्ध लग रही थी. बताया जा रहा है कि इस प्रज्ञा केंद्र के कई फर्जी प्रमाण पत्रों को निर्गत किया जा चुका है. जिसकी शिकायत अन्य प्रज्ञा केंद्र के संचालकों के द्वारा पहले भी प्रशासन को की जा चुकी थी. परंतु कार्रवाई नहीं होने पर इस युवक का मनोबल बढ़ता चला गया. बहरहाल, प्रशासन यदि गंभीरतापूर्वक से जांच करे तो न केवल गणेश कालिंदी के फर्जी प्रमाण पत्र बल्कि अन्य कई सरकारी और गैर- सरकारी योजनाओं के लाभ के लिये बनाये गये फर्जी प्रमाण पत्र से जबरदस्त तरीके से पर्दा उठने की प्रबल संभावनाओं से कतई इनकार नहीं किया जा सकता है.

गौरतलब हो कि घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत चाकुलिया क्षेत्र के माटिहाना गांव के बाद इस राज्य में डुप्लीकेट प्रमाण पत्र देने का सिलसिला निर्बाध गति से जारी है. इसी कड़ी में अब शहर के बीचो-बीच घाटशिला में भी डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनाकर देने का बड़ा संगीन मामला निकल कर सामने आया है.

Desh Live News
Author: Desh Live News

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