जमशेदपुर, झारखंड : हर साल 22 जुलाई को विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है। इस दौरान मस्तिष्क स्वास्थ्य के बारे में जागरूक और तंत्रिका संबंधी विकारों की रोकथाम संबंधी जानकारी दी जाती है। विश्व मस्तिष्क दिवस के अवसर पर साकची आम बागान स्थित क्लीनिक में सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर एम एन सिंह ने इस अवसर पर केक काट कर मनाया।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि स्ट्रोक देशभर में सबसे आम नर्व संबंधी बीमारियों में एक है। 25 वर्ष से अधिक आयु का हर चौथा व्यक्ति अपने जीवन काल में स्ट्रोक का शिकार हो सकता है। जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह रुक जाता है या मस्तिष्क की कोई रक्त नली फट जाती है, तो स्ट्रोक होता है।उन्होंने कहा कि स्ट्रोक के जोखिम कारकों में वृद्धावस्था, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, तंबाकू का सेवन, शराब का सेवन, हृदय रोग शामिल है।
चेहरा लटकना, बाहों में कमजोरी, बोलने में कठिनाई, इसमें किसी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई दे ,तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए । डॉ एम एन सिंह ने बताया कि बच्चा जब गर्भावस्था में है, उससे पहले ही माता-पिता को चाहिए कि वह नशा का सेवन छोड़ दे और गर्भावस्था शिशु के लिए माता में आराम करें, व्यायाम करें। पौष्टिक आहार ले ,ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो। उन्होंने बताया कि बच्चे, जवान और बूढ़े में मस्तिष्क को सक्रिय रखने के लिए कई तरह के कार्य किए जाते हैं, जैसे पढ़ना या समाज सेवा करना या अपना काम करना। मस्तिष्क जितना सक्रिय रहेगा, उतना ही काम करेगा। जैसे आप पजल खेलते हैं, उससे भी मस्तिष्क सक्रिय हो जाता है।
Author: Desh Live News



