जमशेदपुर (झारखंड) : माँ दुर्गा के आगमन और प्रस्थान को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं! क्या ये कोई बड़ा ख़तरा है या कोई शुभ समाचार? देवी पक्ष की शुरुआत बस कुछ ही दिन दूर है! लेकिन उससे पहले, सबके मन में एक ही सवाल है: इस बार माँ दुर्गा किस सवारी पर आ रही है? और किस सवारी पर लौट रही हैं? क्योंकि प्रचलित मान्यता के अनुसार, माँ दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन आने वाले साल की अच्छी और बुरी ख़बरें बताता है, ज्योतिषियों से लेकर आम लोगों तक, हर कोई इस बात को लेकर उत्सुक है कि 2025 में माँ दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन कौन सा होगा? कुछ लोग इसे किसी बड़े ख़तरे का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सौभाग्य और समृद्धि का आगमन मान रहे हैं। हकीकत क्या है आईए जानते हैं पश्चिम बंगाल के बहुत ही चर्चित व्यक्ति देवव्रतो पहाड़ी ब्राह्मण महाराज जी से..
बता दे की देवव्रतो पहाड़ी ब्राह्मण महाराज जी पश्चिम बंगाल के निवासी है। जो पिछले 32 सालों से माँ दुर्गा की पूजा करते हुए आ रहे हैं अपने क्षेत्र में बहुत ही लोकप्रिय व्यक्ति ये रहे। मीडिया से बातचीत के दौरान इन्होंने कहा कि..
सवाल– आप क्या सोचते हैं? क्या यह आगमन और प्रस्थान वाकई हमारे भविष्य का मार्गदर्शन करता है? या यह सिर्फ़ एक आम लोककथा है?
जवाब.. हिंदू शास्त्रों के अनुसार, देवी के पृथ्वी और कैलाश पर आगमन और प्रस्थान का एक महत्व है। जिस वाहन में देवी पृथ्वी पर आती और जाती हैं, वह निर्धारित करता है कि पूरा वर्ष कैसे बीतेगा। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जिस वाहन में दुर्गा आती और जाती हैं, वह निर्धारित करता है कि दुनिया में पूरा वर्ष कैसे बीतेगा।
सवाल.. मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान क्या है?
जवाब.. शास्त्रों के अनुसार, देवी का आगमन पूजा के सातवें दिन होता है, और प्रस्थान दसवें दिन होता है। सप्ताह के किस दिन ये दोनों दिन पड़ते हैं, देवी का आगमन और प्रस्थान उसी पर निर्भर करता है। शास्त्रों में कहा गया है.यदि सप्तमी रवि या सोमवार हो, तो देवी का वाहन घोड़ा या हाथी होगा। यदि सप्तमी शनिवार या मंगलवार हो, तो देवी का वाहन घोड़ा या घोड़ी होगी। यदि सप्तमी गुरुवार या शुक्रवार हो, तो देवी का वाहन डोला या पालकी होगी। यदि सप्तमी बुधवार हो, तो देवी का वाहन नाव होगी। इसी प्रकार, यदि दशमी रवि या सोमवार हो, तो देवी का वाहन घोड़ा होगा। यदि दशमी शनिवार या मंगलवार हो, तो देवी घोड़े पर प्रस्थान करेंगी। यदि दशमी गुरुवार या शुक्रवार हो, तो देवी डोला या पालकी पर प्रस्थान करेंगी। और यदि दशमी बुधवार हो, तो देवी अपनी नाव में सवार होकर कैलाश लौट जाएँगी।
सवाल.. मां दुर्गा का आगमन कौन से वहान पर हो रहा है, मां प्रस्थान कैसे करेगी?
जवाब.. इस वर्ष सप्तमी रविवार, 28 सितम्बर को पड़ रही है। अतः दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है। गुरुवार, 2 अक्टूबर को विजयादशमी है। माँ दुर्गा झूले पर सवार होकर कैलाश लौट जाएँगी।
सवाल.. मां की प्रस्थान पर आपका क्या राय है य शुभ है या अशुभ?
जवाब..इस वर्ष माता हाथी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आ रही हैं। हाथी ज्ञान, शांति और समृद्धि का संकेत है, इस साल मां की सवारी हाथी है यानी की हाथी में सवार होकर आगमन कर रही है।
सवाल..क्यों खास है हाथी का सवारी?
जवाब..ऐसी मान्यता है कि जब नवरात्रि में माता रानी, हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो बारिश होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इससे चारों ओर हरियाली छाने लगती है और प्रकृति का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। तब फसलें भी बहुत अच्छी होती हैं। मैय्या रानी जब हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो अन्न-धन के भंडार भरती हैं। माता का हाथी या नौका पर सवार होकर आना, भक्तों के लिए बहुत मंगलकारी माना जाता है।
स्पेशल रिपोर्ट सौरभ कुमार,संवाददाता,झारखंड









