पाकुड़,झारखंड : जिसका कच्चा मकान है सरकार उन्हें पक्का मकान दे रही है, जिसपर सरकार करोड़ों खर्च कर रही है। सरकार का दावा भी है कि एक भी घर कच्चा ना रहे, उनकी अपनी छत हो पक्का मकान हो मगर क्या यह सपना पूरा हो पा रहा है।
पाकुड़ से आई एक तस्वीर ने इस दावे का पोल खोलते हुए नजर आ रही है। जहां एक तरफ सरकार पक्का मकान देने की बाद तो कर रही है वहीं दूसरी ओर गरीब असहाय मजदूर आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर है।
पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत पाकुड़ हिरणपुर मुख्य सड़क रामनाथपुर पहाड़ के नीचे दो गरीब परिवार को अब तक ना अबूवा आवास और ना ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जिससे दोनों परिवार कच्चे मकान पर रहने को मजबूर है।
दोनों परिवार में से एक परिवार सरस्वती देवी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। सरस्वती देवी ने बताया कि बरसात के समय रात भर जगी रहती है, आंधी आने पर सभी लोग खटिया के नीचे छिप जाते हैं। एक बार तो आंधी ने इनकी आशियाना को ही उजाड़ दिया था।
सरस्वती देवी बताती है कि हम मजदूर परिवार है मजदूरी करके किसी तरह से घर चलते हैं ऐसे में मेरे लिए घर बनाना असंभव है। उन्होंने बताया है कि घर के लिए फॉर्म भी जमा किया गया है मगर अब तक सरकारी मकान नहीं बन पाया।जरूरत है प्रशासन को ऐसी घरों को चिन्हित कर उन्हें अबुआ आवास या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए।
बता दे कि हाल ही में सैकड़ो लाभुकों को जिला प्रशासन की ओर से गृह प्रवेश कराया गया मगर इन गरीबों का घर छूट गया। हालांकि दोनों परिवार ने सरकार और प्रशासन से मकान की मांग की है।अब देखने वाली बात होगी कि कब तक इन दोनों परिवारों को पक्का मकान का लाभ दिया जाता है।









