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current post: भाजपा नेता डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी ने प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम पर किया हमला..., ID: 11098
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- सरकार नियोजन एवं स्थानीय नीति बनाने में रही असफल, युवाओं अधर में लटका भविष्य
- झामुमो नेता विकास के नाम पर वोट नहीं मांग पा रहे.
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को “बैल” कहे जाने पर आदिवासी समाज को किया अपमानित, बदला लेगी जनता : दिनेशानंद गोस्वामी.
- हेमंत सरकार में बेटियों-महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा पर हों रहें हमला. : गीता कोड़ा.
उमेश कांत गिरि धाटशिला
घाटशिला में प्रेस वार्ता में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि झामुमो नेता अब विकास के नाम पर वोट मांगने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि पिछले छह वर्षों में सरकार ने न तो नियोजन नीति बनाई और न ही स्थानीय नीति, जिससे नियुक्तियां बाधित हो रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियां संबंधित जिलों के लिए आरक्षित थीं, जिससे स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलती थी। लेकिन हेमंत सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया, जिसके कारण अब बाहर के उम्मीदवार किसी भी जिले में नौकरी पा सकते हैं, जबकि स्थानीय युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है।
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने निजी कंपनी में 75% प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, शराब बंदोबस्ती, बालू घाट की नीलामी और अन्य ठेकों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक पेसा कानून को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है, जिससे बालू घाट, बंदोबस्ती और वनपट्टा का आवंटन ग्राम सभा के अधीन लाने की प्रक्रिया अधर में है।
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने तथा नौकरी ना पाने वाले बेरोजगारों को ₹ 5000 से ₹ 7000 भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन दोनों वादे खोखले और हवा-हवाई ही साबित हुए।
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि स्वास्थ और शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बंद से बदहाल हैं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। और बंद पड़ी ताम्र खदानों को शुरू करने के लिए झामुमो सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की सड़कों की स्थिति जर्जर है। और जो भी विकास दिखाई देता है, वह केंद्रीय योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा,
अगर विकास दिखता है तो वह केंद्र सरकार की योजनाओं में दिखता है, चाहे फ्री अनाज हो, पीएम आवास, आयुष्मान भारत या किसानों को सालाना ₹ 6000 की सहायता। राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है।
बालू घाटों की बंदोबस्ती न होने से बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम जनता को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, और जनता अब बदलाव चाहती है। और घाटशिला की जागृत मतदाता भाजपा प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतो से जितायेंगे।
पत्रकार द्वारा बीते कल शुक्रवार 7 नवंबर 2025 को धालभुमगढ़ प्रखंड के नरसिंहगढ़ हाट मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन की सरकार द्वारा आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को “बैल” कह संबोधित किया गया था। इस पर डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद भारतीय संविधान में एक सबसे उच्च पद का होता है और इस उच्च पद के व्यक्ति राज्य की जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए भेदभाव नहीं किया जाता हैं वो सभी को समान नजरों से देखते है। पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक आदिवासी होकर प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आदिवासी समाज से आते है और उन्हें बैल कह कर संबोधित कर कहना यह पुरे आदिवासी समाज को कलंकित करते हुए गाली देना अपमानित करने के समान हैं। दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि जब एक राज्य का मुखिया ही इस तरह की आदिवासियों समाज के प्रति ऐसी घटिया सोच रखता हो, तो सोचिए उनके अधीनस्थ कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की क्या मानसिकता और विचार यहां के जनता के प्रति रहती होगी। जबकि उन्हें बखूबी जानकारी है कि सामने खड़े प्रत्याशी व्यक्ति एक आदिवासी समाज से ही आता हैं। इस तरह की अपमानजनक बातें कहने में जरा सा भी गुरेज नहीं करते हैं। इससे आप अनुमान लगाते हुए सोचिए कि एक गरिमामई मुख्यमंत्री पद पर आसीन ऐसे व्यक्ति की सोच क्या रही होगी। जो एक आदिवासी को इस तरह की गैर ज़िम्मेदाराना बातें बोल रहे है। जबकि ऐसा बोलना कतई उचित नहीं हैं। इस तरह का असंसदीय भाषा का प्रयोग उन्होंने किया हैं। इस पर हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता इसकी दुखित मन से पुरजोर विरोध करते हुए निंदा करते हैं। यहां की जनता को सोचना पड़ेगा की जब मुख्यमंत्री एक आदिवासी होकर ही इस तरह का एक आदिवासी प्रत्याशी व्यक्ति को ही अपमानजनक बातें बोलने से बाज नहीं आते है। ऐसा कथन कहना उनकी घटिया सोच को ही दर्शाता हैं। उनकी सोच एक आदिवासी के प्रति किस तरह की ओछी राजनीति कि मानसिकता रखतें हैं। यहां की जनता इस बारे में गहराई से विचार करें।
गौरतलब हो कि बीते कल मुख्यमंत्री ने जनसभा में कहा था, कि झामुमो छोड़कर जाने वाले प्रत्याशी “बैल” हैं।झारखंड मुक्ति मोर्चा में खाया-पिया, मोटा-तगड़ा झामुमो में हुआ और हल जोतने चला गया भाजपा में, उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और उनके बेटे घाटशिला उप चुनाव भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के प्रति यह कथन था।
हेमंत सरकार में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार पर हमला: गीता कोड़ा.
पूर्व सांसद एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती गीता कोड़ा ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि हेमंत सरकार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। राज्य में बीते छह वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भयावह वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि साहेबगंज की दरोगा रूपा तिर्की हत्याकांड, रबिका पहाड़िया की 52 टुकड़ों में निर्मम हत्या और एसआई संध्या टोपनो की हत्या जैसी घटनाओं ने सरकार की नाकामी और संवेदनहीनता को उजागर किया है।
गीता कोड़ा ने आरोप लगाया कि आदिवासी बेटियों के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों पर मौन है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना से कोल्हान तक झारखंड की रोटी, माटी और बेटी खतरे में हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार की ‘’मइया सम्मान योजना” अब “मइया अपमान योजना” बन गई है। चुनाव से पहले महिलाओं को झूठे वादों से भ्रमित किया गया, अब उनके खातों से पैसा काटा जा रहा है।
गीता कोड़ा ने कहा कि भाजपा ही महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की सच्ची लड़ाई लड़ रही है, और आने वाले चुनाव में महिलाएं इस भ्रष्ट और निकम्मी सरकार को करारा जवाब देंगी।
श्रीमती कोड़ा ने चाईबासा की घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हेमंत सरकार का आदिवासी और महिला विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। निहत्थे आदिवासी युवक और गर्भवती महिला को जेल भेजना सरकार की अमानवीय चेहरा को दर्शाती है।
इस प्रेस वार्ता में अशोक बड़ाईक, चंडी चरण साव, लखन मार्डी उपस्थित थे।
Author: Desh Live News



