साहिबगंज, झारखंड : साहिबगंज सदर प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण अपने ही गांव में पिछले चार-पांच दिनों से नजरबंद की हालत में जिंदगी गुजार रहे है। गंगा नदी में आई बाढ़ के चलते लाल बथानी, मूसहरी टोला, किशन प्रसाद का कई टोला, दक्षिण मखमलपुर और उत्तर मखमलपुर पंचायत के कई गांव सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
दरअसल किशन प्रसाद और लाल बथानी को जोड़ने वाला सड़क पर तकरीबन 100 मीटर दूरी तक लगभग 10 मीटर ऊंचा बाढ़ का पानी बह रहा है। जिसके चलते यहां के ग्रामीण काफी परेशान है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को आवागमन को ले हो रही है। इस विकट परिस्थिति और मजबूरी मे गांव के लोगों को शुल्क देकर नाव से आवागमन करने की विवशता बनी हुई है। यहां के कई ग्रामीणों ने बताया कि किशन प्रसाद से लाल बथानी पंचायत को जोड़ने वाला मुख्य सड़क पर बाढ़ के समय तकरीबन प्रत्येक वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बाढ़ का पानी सड़क पर जाने से उनके गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट जाता है। इस स्थान पर एक अदद पुल की मांग वर्षो से की जाती रही है। पुल निर्माण के इंतजार में कई लोग यहां दुर्घटना का शिकार हो गए तो कई बूढ़े होकर गुजर गए। झारखंड के तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक के तमाम आश्वासन के बाद भी इलाके के लोगों के लिए सबसे जरूरी मांग वर्षो से जस की तस है। समस्या का निजात नहीं होने से प्रत्येक साल आने वाले बाढ़ के समय लगभग दो माह तक आवागमन में परेशानी होती है। इस बार भी गंगा नदी में आई बाढ़ ने इस इलाके के लोगों की मुसीबत एक बार फिर से बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां 2-3 छोटे-छोटे पुलिया नहीं बल्कि एक लंबा पुल की आवश्यकता है, हालांकि सरकार की ओर से पिछले साल यहां पुलिया बनने के लिए टेंडर किया गया था लेकिन अज्ञात कारणों से इस पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हो सका है और ऐसे में इलाके के ग्रामीणों की परेशानी पिछले कई सालों से जस की तस बनी हुई है।









