रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड सरकार के दर्जाप्राप्त मंत्री फागु बेसरा ने केन्द्र सरकार से दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गुरूजी का सम्पूर्ण जीवन आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग राज्य के निर्माण को समर्पित रहा। शोषण, जुल्म और महाजनी प्रथा को समाप्त करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
बेसरा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस केन्द्र की भाजपा सरकार मान्यता नहीं देती, जबकि झारखंड में 2019 से अबुआ सरकार इसे धूमधाम से मना रही है। इस वर्ष गुरूजी के निधन के कारण कार्यक्रम सादगी से हुआ।
उन्होंने बताया कि गुरूजी के आशीर्वाद से 2001 में उन्हें जेनेवा में आयोजित विश्व आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने और भाषण देने का अवसर मिला, जहां उन्होंने विस्थापन, खनिज दोहन, पर्यावरण विनाश और आदिवासी विरोधी नीतियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर बिना मुआवजा व पुनर्वास के जमीन छीनी जा रही है, जिससे सामाजिक ढांचा टूट रहा है।
बेसरा ने पारंपरिक स्वशासन और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा की अपील करते हुए गुरूजी के संघर्ष व बलिदान को राष्ट्र के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने की मांग दोहराई.









