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current post: आज पश्चिमी सिंहभूम में जिला पुलिस की ओर से तीसरी बार आयोजित हुआ जन शिकायत समाधान कार्यक्रम, ID: 2362
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चाईबासा
पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस की ओर से बुधवार को तीसरी बार जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन पुलिस केंद्र चाईबासा में किया गया
नागरिकों के शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावकारी ढंग से निवारण हेतु जिला स्तर पर जन शिकायत समाधान कार्यक्रम शुरू किया गया है। कोल्हान प्रमंडलके डीआईजी मनोज रतन चौथे की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, प्रशिक्षु आईएएस अर्णव मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह, चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, एसडीपीओ बहामन टूटी, नगर परिषद की प्रशासक संतोषिनी मुर्मू, अंचलाधिकारी सदर उपेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अवैध अफीम की खेती के विरूद्ध पोस्टर का अनावरण किया गया। आईईडी की पहचान और बचाव, झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण नोति से संबंधित विषयों पर जागरूक किया गया। डीआईजी और पुलिस अधीक्षक ने लोगों की शिकायतों को सुना। आज के कार्यक्रम में कुल 21 शिकायत प्राप्त हुए, जिनका पंजीकरण करते हुए प्राप्ति रशीद दिया गया। त्वरित कार्रवाई हेतु संबंधित थाना प्रभारी एवं वरीय पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी मनोज रतन चोथे ने कहा कि केवल जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में ही लोगों की शिकायतें सुनी जाएगी और समाधान किया जाएगा, ऐसी बात नहीं है। थाना हो या फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय या फिर उनका खुद का कार्यालय, लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उसका दरवाजा हमेशा खुला हुआ है। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह कभी भी कार्यालय में या आवासीय कार्यालय में आकर अपनी बात को रख सकता है। डीआईजी ने कहा कि झारखंड पुलिस की ओर से शुरू की गई इस पहल से आम जनता और पुलिस प्रशासन के बीच की दूरी कम हो रही है।जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने लोगों को बताया कि किसी भी तरह की समस्या होने पर वह चाईबासा कोर्ट परिसर में स्थित डालसा कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकते हैं और विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच एक समन्वय स्थापित करना है। इसके साथ ही लोगों की अलग-अलग विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण करने की कोशिश की जा रही है। इससे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक ने जिले के लोगों से अफीम की खेती नहीं करने की अपील की और यह भी कहा कि यदि कहीं कोई और सामाजिक गतिविधि हो रही है तो उसके बारे में गुप्त रूप से सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।



